ऐसे बनाए गए कि सचमुच खेले जा सकें
बात रोज़मर्रा की झेंप की है: रास्ता भटकना, ग़लत आदमी को संदेश भेजना, न सुने गीत को जानने का दिखावा। यहाँ कोई वाक्य किसी से ऐसी बात नहीं कबूलवाता जिसका सुबह पछतावा हो।
कोई वाक्य मंडली पर फ़बे नहीं तो दूसरा निकाल लीजिए — कुछ ख़र्च नहीं होता, और यही वजह है कि यह एक बटन है, छपी हुई सूची नहीं।