पूरा-पूरा न बँटे तब भी बराबर
नाम पहले फेंटे जाते हैं, फिर एक-एक करके बाँटे जाते हैं — इसलिए ग्यारह लोगों की तीन टीमें 4/4/2 और एक अकेला खड़ा नहीं, बल्कि 4/4/3 बनती हैं।
चूँकि फेंटाई पहले होती है, कौन सी टीम बड़ी निकलेगी यह भी संयोग की बात है।
होम/टीम जनरेटर
नाम चिपकाइए और उन्हें बराबर टीमों में बाँटिए — कितनी टीमें चाहिए उस हिसाब से, या हर टीम में कितने लोग हों उस हिसाब से। फिर नतीजा सीधे ग्रुप चैट में कॉपी कर दीजिए।
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नाम पहले फेंटे जाते हैं, फिर एक-एक करके बाँटे जाते हैं — इसलिए ग्यारह लोगों की तीन टीमें 4/4/2 और एक अकेला खड़ा नहीं, बल्कि 4/4/3 बनती हैं।
चूँकि फेंटाई पहले होती है, कौन सी टीम बड़ी निकलेगी यह भी संयोग की बात है।
जब टीमों की संख्या तय हो और लोग घटते-बढ़ते हों, तब कितनी टीमें चाहिए — चार मेज़ें, जो आए सो आए।
जब समूह का आकार तय हो और समूहों की संख्या बदलती हो, तब हर टीम में लोग चाहिए — जोड़ियाँ, या वर्कशॉप के लिए तिकड़ियाँ।