जवाब ज़ोर से बोलिए
जिस जवाब के बारे में आपने सोचा है, वह वह जवाब नहीं है जो आपने दिया है। दोनों के बीच की यही दूरी साक्षात्कार की पूरी कठिनाई है, और सवाल को मन ही मन पढ़ने से यह ज़रा भी नहीं घटती।
दो मिनट का समय नापिए। जो जवाब बिगड़ते हैं वे लगभग हमेशा लंबे होने से बिगड़ते हैं, ग़लत होने से नहीं।