दोनों पक्ष सही ठहराए जा सकने चाहिए
जिस जोड़े में एक जवाब साफ़ तौर पर सही हो, वह सवाल नहीं, परीक्षा है। यहाँ का हर जोड़ा एक असली कमरे को दो हिस्सों में बाँट देता है — इसीलिए उसके बाद आने वाला "क्यों" ही दिलचस्प हिस्सा है।
तीसरा विकल्प नहीं है और "दोनों" भी नहीं। बंधन ही खेल है; जिस जोड़े से बच निकला जा सके वह सिर्फ़ एक बातचीत है।